Skip to content
Criss Cross ClassesCriss Cross ClassesOur Content is Our Power
मेनू
  • होम
  • CBSE
    • हिंदी माध्यम
      • कक्षा 9
      • कक्षा 10
      • कक्षा 11
      • कक्षा 12
    • English Medium
      • कक्षा 9
      • कक्षा 10
      • कक्षा 11
      • कक्षा 12
  • राज्य बोर्ड
    • UP Board (UPMSP)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Bihar Board (BSEB)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Chhattisgarh Board (CGBSE)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Haryana Board (HBSE)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Jharkhand Board (JAC)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Uttarakhand Board (UBSE)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Madhya Pradesh Board (MPBSE)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Punjab Board (PSEB)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
    • Rajasthan Board (RBSE)
      • हिंदी माध्यम
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
      • English Medium
        • कक्षा 9
        • कक्षा 10
        • कक्षा 11
        • कक्षा 12
  • NIOS
    • कक्षा 10
    • कक्षा 12
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
मेनू
क्रिस क्रॉसहोमनोट्समहत्वपूर्ण प्रश्नवस्तुनिष्ठ प्रश्नक्विज़पिछले वर्ष के पेपरई-बुक्सEnglishहिंदी

डायरी का एक पन्ना Important Questions – Class 10 Hindi (Sparsh) Chapter 11 in Hindi

Posted on January 21, 2023January 21, 2023 by Anshul Gupta
Share Now on

पाठ – 11

डायरी का एक पन्ना

In this post we have mentioned all the important questions of class 10 Hindi (Sparsh) chapter 11 डायरी का एक पन्ना in Hindi

इस पोस्ट में कक्षा 10 के हिंदी (स्पर्श) के पाठ 11 डायरी का एक पन्ना  के सभी महतवपूर्ण प्रश्नो का वर्णन किया गया है। यह उन सभी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जो इस वर्ष कक्षा 10 में है एवं हिंदी विषय पढ़ रहे है।

BoardCBSE Board, UP Board, JAC Board, Bihar Board, HBSE Board, UBSE Board, PSEB Board, RBSE Board
TextbookNCERT
ClassClass 10
Subjectहिंदी (स्पर्श)
Chapter no.Chapter 11
Chapter Nameडायरी का एक पन्ना
CategoryClass 10 Hindi (Sparsh) Important Questions
MediumHindi
Class 10 Hindi (Sparsh) Chapter 11 डायरी का एक पन्ना Important Questions

Chapter 11 डायरी का एक पन्ना

मौखिक

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

प्रश्न 1. कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्त्वपूर्ण था?

उत्तर- 26 जनवरी, 1931 का दिन कलकत्तावासियों के लिए इसलिए महत्त्वपूर्ण था, क्योंकि सन् 1930 में गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। इस वर्ष उसकी पुनरावृत्ति थी, जिसके लिए काफ़ी तैयारियाँ पहले से ही की गई थीं। इसके लिए लोगों ने अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराया था और उन्हें इस तरह से सजाया गया था कि ऐसा मालूम होता था, मानों स्वतंत्रता मिल गई हो।

प्रश्न 2. सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?

उत्तर- सुभाष बाबू के जुलूस का भार पूर्णोदास पर था जिन्होंने इस जुलूस का पूरा प्रबंध किया था उन्होंने जगह-जगह फोटो का | भी प्रबंध किया था और बाद में पुलिस द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया था।

प्रश्न 3. विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?

उत्तर- विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया तथा अन्य लोगों को मारा और वहाँ से हटा दिया।

प्रश्न 4. लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर किस बात का संकेत देना चाहते थे?

उत्तर- लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर झंडा फहराकर इस बात का संकेत देना चाहते थे कि वे भी अपने देश । की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय झंडे का पूर्ण सम्मान करते हैं।

प्रश्न 5. पुलिस ने बड़े-बड़े पार्को तथा मैदानों को क्यों घेर लिया था?

उत्तर- पुलिस ने बड़े-बड़े पार्को तथा मैदानों को इसलिए घेर लिया था ताकि लोग वहाँ एकत्रित न हो सकें। पुलिस नहीं। चाहती थी कि लोग एकत्र होकर पार्को तथा मैदानों में सभा करें तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराएँ। पुलिस पूरी ताकत से गश्त लगा रही थी। प्रत्येक मोड़ पर गोरखे तथा सार्जेंट मोटर-गाड़ियों में तैनात थे। घुड़सवार पुलिस का भी प्रबंध था।

लिखित

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

प्रश्न 1. 26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गईं?

उत्तर- 26 जनवरी, 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए निम्नलिखित तैयारियाँ की गईं :

  • कलकत्ता के लोगों ने अपने-अपने घरों को खूब सजाया।
  • अधिकांश मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहराया गया।
  • कुछ मकानों और बाज़ारों को ऐसे सजाया गया कि मानो स्वतंत्रता ही प्राप्त हो गई हो।
  • कलकत्ते के प्रत्येक भाग में झंडे लहराए गए।
  • लोगों ने ऐसी सजावटे पहले नहीं देखी थी।

प्रश्न 2. ‘आज जो बात थी वह निराली थी’-किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- 26 जनवरी का दिन अपने-आप में निराला था। कलकत्तावासी पूरे उत्साह पूरी नवीनता के साथ इस दिन को यादगार दिन बनाने की तैयारी में जुटे थे। अंग्रेज़ी सरकार के कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बाद भी हज़ारों की संख्या में लोग लाठी खाकर भी जुलूस में भाग ले रहे थे। सरकार द्वारा सभा भंग करने की कोशिशों के बावजूद भी बड़ी संख्या में आम जनता और कार्यकर्ता संगठित होकर मोनुमेंट के पास एकत्रित हो रहे थे। स्त्रियों ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दिन अंग्रेज़ी कानून को खुली चुनौती देकर कलकत्तावासियों ने देश-प्रेम और एकता का अपूर्व प्रदर्शन किया।

प्रश्न 3. पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?

उत्तर- दोनों में यह अंतर था कि पुलिस कमिश्नर का नोटिस निकल चुका था कि अमुक-अमुक धारा के अनुसार कोई सभा नहीं हो सकती और जो लोग सभा में भाग लेंगे, वे दोषी समझे जाएँगे; जबकि कौंसिल के नोटिस में था कि मोनुमेंट के नीचे ठीक चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडी फहराया जाएगा तथा स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी। इसमें सर्व-साधारण की उपस्थिति होनी चाहिए।

प्रश्न 4. धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?

उत्तर- सुभाष बाबू के नेतृत्व में जुलूस पूरे जोश के साथ आगे बढ़ रहा था। थोड़ा आगे बढ़ने पर पुलिस ने सुभाष बाबू को पकड़ लिया और गाड़ी में बिठाकर लाल बाज़ार के लॉकअप में भेज दिया। जुलूस में भाग लेनेवाले आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठियाँ बरसानी शुरू कर दी थीं। बहुत से लोग बुरी तरह घायल हो चुके थे। पुलिस की बर्बरता के कारण जुलूस बिखर गया था। मोड़ पर पचास साठ स्त्रियाँ धरना देकर बैठ गईं थीं। पुलिस ने उन्हें पकड़कर लालबाज़ार भेज दिया था।

प्रश्न 5. डॉ० दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर ही रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी ? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- डॉ० दास गुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख के साथ उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे, ताकि पूरा देश अंग्रेज़ प्रशासकों के जुल्मों से अवगत होकर उनका विरोध करके उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए तैयार हो जाए।

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

प्रश्न 1. सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?

उत्तर- सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री-समाज ने एक अहम भूमिका निभायी थी। स्त्री समाज ने जगह-जगह से जुलूस निकालने की तथा ठीक स्थान पर पहुँचने की तैयारी और कोशिश की थी। स्त्रियों ने मोनुमेंट की सीढ़ियों पर चढ़कर झंडा फहरा करे घोषणा-पत्र पढ़ा था तथा पुलिस के बहुत-से अत्याचारों का सामना किया था। विमल प्रतिभा, जानकी देवी और मदालसा आदि ने जुलूस का सफल नेतृत्व किया था।

प्रश्न 2. जुलूस के लालबजार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?

उत्तर- जुलूस के लालबाज़ार आने पर पुलिस ने एकत्रित भीड़ पर लाठियों से प्रहार किया। सुभाष बाबू को पकड़कर लॉकअप में भेज दिया गया। स्त्रियों का नेतृत्व करनेवाली मदालसा भी पकड़ी गई थी। उसको थाने में मारा भी गया । इस जुलूस में लगभग 200 व्यक्ति घायल हुए जिसमें से कुछ की हालत गंभीर थी।

प्रश्न 3. जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी और यह सभा तो कहना चाहिए कि ओपन लड़ाई थी।’ यहाँ पर कौन से और किसके द्वारा लागू किए गए कानून को भंग करने की बात कही गई है? क्या कानून भंग करना उचित था? पाठ के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।

उत्तर- जब पुलिस कमिश्नर का नोटिस निकला कि अमुक-अमुक धारा के अनुसार कोई सभा नहीं हो सकती और सभा में भाग लेने वालों को दोषी समझा जाएगा, तो कौंसिल की तरफ़ से भी नोटिस निकाला गया कि मोनुमेंट के नीचे ठीक चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडा फहराया जाएगा तथा स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी। इस तरह से पुलिस कमिश्नर द्वारा सभा स्थगित करने जैसे लागू कानून को कौंसिल की तरफ़ से भंग किया गया था; जोकि उचित था, क्योंकि इसके बिना आज़ादी की आग प्रज्वलित न होती।

प्रश्न 4. बहुत से लोग घायल हुए, बहुतों को लॉकअप में रखा गया, बहुत-सी स्त्रियाँ जेल गईं, फिर भी इस दिन को अपूर्व बताया गया है। आपके विचार में यह सब अपूर्व क्यों है? अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर- हमारे विचार में 26 जनवरी 1931 का दिन अद्भुत था क्योंकि इस दिन कलकतावासियों को अपनी देशभक्ति, एकता व साहस को सिद्ध करने का अवसर मिला था। उन्होंने देश का दूसरा स्वतंत्रता दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया। अंग्रेज़ प्रशासकों ने इसे उनका अपराध मानते हुए उनपर और विशेष रूप से महिला कार्यकर्ताओं पर अनेक अत्याचार किए लेकिन पुलिस द्वारा किया गया क्रूरतापूर्ण व्यवहार भी उनके इरादों को बदल नहीं सका और न ही उनके जोश कम कर पाया । एकजुट होकर राष्ट्रीय झंडा फहराने और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा करने का जो संकल्प उन सबने मिलकर लिया था उसे उन्होंने यातनाएँ सहकर भी उस दिन पूरा किया।

(ग) निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

प्रश्न 1. आज तो जो कुछ हुआ वह अपूर्व हुआ है। बंगाल के नाम या कलकत्ता के नाम पर कलंक था कि यहाँ काम नहीं हो रहा है वह आज बहुत अंश में धुल गया।

उत्तर- इसका आशय है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए इतना बड़ा आंदोलन बंगाल या कलकत्ता में नहीं हुआ था। यहाँ के विषय में लोगों के मन में जोश नहीं था, यह बात कलकत्ता के माथे पर कलंक थी। लेकिन इसे 26 जनवरी, 1931 को हुई स्वतंत्रता संग्राम की पुनरावृत्ति ने धो दिया। इस संग्राम में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था और लोग जेल भी गए। लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना का संचार हो चुका था।

प्रश्न 2. खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी।

उत्तर- प्रस्तुत पंक्ति का यह आशय है कि जब 26 जनवरी सन् 1931 के दिन कलकत्ता में स्थान-स्थान पर झंडोत्सव मनाए गए तो ब्रिटिश सरकार को यह बात मान्य नहीं थी इसलिए उन्होंने भारतीयों पर अनेक जुल्म किए। कलकत्ता के इतिहास में यह पहली बार हुआ था कि पुलिस कमिश्नर दूद्वारा निकाले गए नोटिस के बावजूद भी कौंसिल द्वारा उन्हें खुली चुनौती दी गई कि न केवल एकजुट होकर झंडा फहराया जाएगा अपितु स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा भी पढ़ी जाएगी। पुलिस द्वारा यह नोटिस भी जारी किया गया कि इन सभाओं में भाग लेनेवालों को दोषी समझा जाएगा तब भी बड़ी संख्या में न केवल पुरुषों ने बल्कि स्त्रियों ने भी जुलूस में भाग लिया और सरकार द्वारा बनाए गए कानून को भी भंग किया। आजादी के इतिहास में ऐसी खुली चुनौतियाँ देकर पहले कभी कोई सभा आयोजित नहीं हुई थी।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. 26 जनवरी, 1931 को पार्को और मैदानों में पुलिस ही पुलिस दिखती थी, क्यों?

उत्तर- 26 जनवरी, 1931 को कोलकाता में स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए क्रांतिकारियों और देशभक्तों द्वारा स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत ध्वजारोहण और प्रतिज्ञा लेना तय किया गया था। इसे रोकने के लिए पार्क और मैदान में पुलिस ही पुलिस दिखती थी।

प्रश्न 2. तारा सुंदरी पार्क में पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए क्या किया?

उत्तर- तारा सुंदरी पार्क में बड़ा बाजार कांग्रेस कमेटी के युद्ध मंत्री हरिश्चंद सिंह को झंडा फहराने भीतर न जाने दिया। पुलिस ने वहाँ काफ़ी मारपीट की जिसमें दो-चार आदमियों के सिर फट गए। गुजराती सेविका संघ की ओर से निकाले गए जुलूस में शामिल लड़कियों को गिरफ्तार कर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया।

प्रश्न 3. पुलिस कमिश्नर द्वारा निकाली गई नोटिस का कथ्य स्पष्ट करते हुए बताइए कि यह नोटिस क्यों निकाली गई होगी?

उत्तर- पुलिस कमिश्नर द्वारा निकाली गई नोटिस का कथ्य यह था कि अमुक-अमुक धारा के अंतर्गत सभा नहीं हो सकती है। यदि आप भाग लेंगे तो दोषी समझे जाएँगे। यह नोटिस इसलिए निकाली गई होगी ताकि इस दिन झंडा फहराने और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा लेने के कार्यक्रम को विफल बनाया जा सके।

प्रश्न 4. कौंसिल की तरफ़ से निकाली गर्ट नोटिस का प्रकट एवं उद्देश्य क्या था?

उत्तर- कौंसिल द्वारा निकाली गई नोटिस का मूलकथ्य यह था कि मोनुमेंट के नीचे ठीक चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडा फहराया जाएगा तथा स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी जाएगी। सर्वसाधारण की उपस्थिति होनी चाहिए। इस नोटिस का उद्देश्य था स्वतंत्रता दिवस मनाने की पुनरावृत्ति करना तथा पूर्ण आजादी की माँग करना।

प्रश्न 5. जुलूस को न रोक पाने की दी। पुलिस ने किस तरह उतारी ?

उत्तर- भीड़ की अधिकता के कारण पुलिस जुलूस को जब न रोक सकी तो उसने अपनी खीझ उतारने के लिए मैदान के मोड़ पर पहुँचते ही जुलूस पर लाठियाँ चलानी शुरू कर दी। इसमें बहुत से आदमी घायल हुए। पुलिस की लाठियों से सुभाष चंद्र बोस भी न बच सके।

प्रश्न 6. झंडा दिवस के अवसर पर पुलिस का कृर प देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- झंडा दिवस अर्थात् 26 जनवरी 1931 को भारतीयों द्वारा जो कार्यक्रम मनाने का निश्चय किया गया था, उसे रोकने के प्रयास में पुलिस का क्रूरतम रूप देखने को मिला। पुलिस जुलूस में शामिल लोगों पर लाठी चार्ज कर रही थी, जिससे लोग। लहूलुहान हो रहे थे। पुलिस महिलाओं और लड़कियों के साथ भी मारपीट कर रही थी।

प्रश्न 7. पुलिस जिस समय मोनुमेंट की मोटियाँ न हो थी, उस समय दूसरी ओर महिलाएँ किस काम में लगी थी ?

उत्तर- मोनुमेंट के नीचे पुलिस जिस समय लोगों पर लाठियाँ भाँज रही थी और लोग लहूलुहान हो रहे थे उसी समय दूसरी ओर महिलाएँ मोनुमेंट की सीढ़ियों पर चढ़कर झंडा फहरा रही थी और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ रही थी। ऐसा करके वे झंडा दिवस कार्यक्रम को सफल एवं संपन्न करने में जुटी थी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. 26 जनवरी, 1937 को कोलकाता के स्तों पर उत्साह और नवीनता देखते ही बनती थी। इसके कारणों एवं नएपन का वर्णन कीजिए।

उत्तर- 26 जनवरी, 1931 को कोलकाता में स्वतंत्रता दिवस मनाये जाने की पुनरावृत्ति होनी थी। इस दृष्टि से इस महत्त्वपूर्ण दिन को अत्यंत हर्षोल्लास से मनाया जाना था। इस बार का उत्साह भी देखते ही बनता था। इसके प्रचार मात्र पर ही दो हज़ारे रुपये खर्च किए गए थे। कार्यकर्ताओं को झंडा देते हुए उन्हें घर-घर जाकर समझाया गया था कि आंदोलन की सफलता उनके प्रयासों पर ही निर्भर करती है। ऐसे में आगे आकर उन्हें ही सारा इंतजाम करना था। इसे सफल बनाने के लिए घरों और रास्तों पर झंडे लगाए गए थे। इसके अलावा जुलूस में शामिल, लोगों का उत्साह चरम पर था। उन्हें पुलिस की लाठियाँ भी रोक पाने में असमर्थ साबित हो रही थीं।

प्रश्न 2. 26 जनवरी, 1931 को सुभाषचंद्र ४ का एक नया रूप एवं सशक्त नेतृत्व देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- 26 जनवरी, 1931 को कोलकाता में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना था। गतवर्ष इसी दिन पूर्ण स्वराज्य पाने के लिए झंडा तो फहराया गया था पर इसका आयोजन भव्य न बन सका था। आज झंडा फहराने और प्रतिज्ञा लेने के इस कार्यक्रम में सुभाषचंद्र के क्रांतिकारी रूप का दर्शन हो रहा था। वे जुलूस के साथ असीम उत्साह के साथ मोनुमेंट की ओर बढ़ रहे थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठियाँ भाँजनी शुरू कर दी थी फिर भी वे चोट की परवाह किए बिना निडरता से आगे ही आगे बढ़ते जा रहे थे और ज़ोर-ज़ोर से ‘वंदे मातरम्’ बोलते जा रहे थे। पुलिस की लाठियाँ उन पर भी पड़ी।

यह देख ज्योतिर्मय गांगुली ने उन्हें पुलिस से दूर अपनी ओर आने के लिए कहा पर सुभाषचंद्र ने कहा, आगे बढ़ना है। उनका यह कथन जुलूस को भी प्रेरित कर रहा था।

प्रश्न 3. वृजलाल गोयनका कौन थे? झंडा दिवस को सफल बनाने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालिए।

उत्तर- वृजलाल गोयनका स्वतंत्रता सेनानी थे, जो कई दिनों से लेखक के साथ काम कर रहे थे। वे दमदम जेल में भी लेखक के साथ थे। वे झंडा दिवस 26 जनवरी, 1931 को सभास्थल की ओर जाते हुए पकड़े गए। पहले तो वे झंडा लेकर ‘वंदे मातरम्’ बोलते हुए इतनी तेज गति से भागे कि अपने आप गिर गए। एक अंग्रेज घुड़सवार ने उन्हें लाठी मारी और पकड़ा परंतु थोड़ी दूर जाने के बाद छोड़ दिया। इस पर वे स्त्रियों के झुंड में शामिल हो गए, तब पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। तब वे दो सौ आदमियों का जुलूस लेकर लालबाजार गए जहाँ उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रश्न 4. ‘डायरी का एक पन्ना’ नामक पाठ के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?

उत्तर- ‘डायरी का एक पन्ना’ नामक पाठ स्वतंत्रता का मूल्य समझाने एवं देश प्रेम व राष्ट्रभक्ति को जगाने तथा प्रगाढ़ करने का संदेश छिपाए हुए है। पाठ में सन् 1931 के गुलाम भारत के लोगों की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत की गई है कि किस प्रकार निहत्थे किंतु संगठित भारतवासियों के मन में स्वतंत्रता पाने की भावना बलवती हुई और इसे पाने के लिए लोगों ने न लाठियों की चिंता की और न जेल जाने की। वे आत्मोत्सर्ग के लिए तैयार रहते थे। यह पाठ हमें अपनी स्वतंत्रता की रक्षा । करने की जहाँ प्रेरणा देता है, वहीं यह संदेश भी देता है कि संगठित होकर काम करने से कोई काम असाध्य नहीं रह जाता है।

We hope that class 10 Hindi (Sparsh) Chapter 11 डायरी का एक पन्ना Important Questions in Hindi helped you. If you have any queries about class 10 Hindi (Sparsh) Chapter 11 डायरी का एक पन्ना Important Questions in Hindi or about any other Important Questions of class 10 Hindi (Sparsh) in Hindi, so you can comment below. We will reach you as soon as possible.

हमें उम्मीद है कि कक्षा 10 हिंदी (स्पर्श) अध्याय 11 डायरी का एक पन्ना हिंदी के महत्वपूर्ण प्रश्नों ने आपकी मदद की। यदि आपके पास कक्षा 10 हिंदी (स्पर्श) अध्याय 11 डायरी का एक पन्ना के महत्वपूर्ण प्रश्नो या कक्षा 10 के किसी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न, नोट्स, वस्तुनिष्ठ प्रश्न, क्विज़, या पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों के बारे में कोई सवाल है तो आप हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं या नीचे comment कर सकते हैं। 

 

More Important Links

  • Class 12th
    • Class 12 All Video Courses
    • Class 12 All Important Notes 
    • Class 12 All Important Questions
    • Class 12 All Important Quizzes
    • Class 12 All Important Objective Questions
    • Class 12 All Sample Papers
    • Class 12 All Last Year Questions Papers
    • Class 12 All PDF E-books
  • Class 11th
    • Class 11 All Video Courses
    • Class 11 All Important Notes 
    • Class 11 All Important Questions
    • Class 11 All Important Quizzes
    • Class 11 All Important Objective Questions
    • Class 11 All Sample Papers
    • Class 11 All Last Year Questions Papers
    • Class 11 All PDF E-books
  • Class 10th
    • Class 10 All Video Courses
    • Class 10 All Important Notes 
    • Class 10 All Important Questions
    • Class 10 All Important Quizzes
    • Class 10 All Important Objective Questions
    • Class 10 All Sample Papers
    • Class 10 All Last Year Questions Papers
    • Class 10 All PDF E-books

Share Now on

अपना सवाल या राय लिखें रद्द करें

आपका ईमेल किसी को नहीं दिखाया जाएगा। ज़रूरी जानकारी पर * लगा है

Download our App Now - Criss Cross Classes

Free WhatsApp Group

Free Telegram Group

Our Application

Class 12

  • Class 12 All Video Courses
  • Class 12 All Important Notes 
  • Class 12 All Important Questions
  • Class 12 All Important Quizzes
  • Class 12 All Important Objective Questions
  • Class 12 All Sample Papers
  • Class 12 All Last Year Questions Papers
  • Class 12 All PDF E-books

Class 11

  • Class 11 All Video Courses
  • Class 11 All Important Notes 
  • Class 11 All Important Questions
  • Class 11 All Important Quizzes
  • Class 11 All Important Objective Questions
  • Class 11 All Sample Papers
  • Class 11 All Last Year Questions Papers
  • Class 11 All PDF E-books

Class 10

  • Class 10 All Video Courses
  • Class 10 All Important Notes 
  • Class 10 All Important Questions
  • Class 10 All Important Quizzes
  • Class 10 All Important Objective Questions
  • Class 10 All Sample Papers
  • Class 10 All Last Year Questions Papers
  • Class 10 All PDF E-books

More Important Questions

  • Class 10 Hindi Important Questions (42)
  • Class 10 SST Important Questions in Hindi (25)
  • Class 11 Geography Important Questions in Hindi (23)
  • Class 11 Hindi Important Questions (45)
  • Class 11 History Important Questions in Hindi (1)
  • Class 11 Political Science Important Questions in Hindi (40)
  • Class 12 English Important Questions (7)
  • Class 12 Geography Important Questions in Hindi (22)
  • Class 12 Hindi Important Questions (47)
  • Class 12 History Important Questions in Hindi (13)
  • Class 12 Political Science Important Questions in Hindi (18)
  • Class 12 Sociology Important Questions in Hindi (1)
  • Class 9 Hindi Important Questions (41)

Other Important Questions

  • Going Places Important Questions – Class 12 English Flamingo Chapter 8
  • Poets and Pancakes Important Questions – Class 12 English Flamingo Chapter 6
  • Indigo Important Questions – Class 12 English Flamingo Chapter 5
  • The Rattrap Important Questions – Class 12 English Flamingo Chapter 4
  • Deep Water Important Questions – Class 12 English Flamingo Chapter 3
  • Lost Spring Important Questions – Class 12 English Flamingo Chapter 2
  • The Last Lesson Important Questions – Class 12 English Flamingo Chapter 1
  • डायरी के पन्ने Important Questions – Class 12 Hindi (Vitan) Chapter 4 in Hindi
  • अतीत में दबे पाँव Important Questions – Class 12 Hindi (Vitan) Chapter 3 in Hindi
  • जूझ Important Questions – Class 12 Hindi (Vitan) Chapter 2 in Hindi
  • सिल्वर वैडिंग Important Questions – Class 12 Hindi (Vitan) Chapter 1 in Hindi
  • श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 18 in Hindi
  • शिरीष के फूल Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 17 in Hindi
  • नमक Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 16 in Hindi
  • चार्ली चैप्लिन यानी हम सब Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 15 in Hindi
  • पहलवान की ढोलक Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 14 in Hindi
  • काले मेघा पानी दे Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 13 in Hindi
  • बाजार दर्शन Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 12 in Hindi
  • भक्तिन Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 11 in Hindi
  • छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 10 in Hindi
  • रुबाइयाँ, गज़ल Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 9 in Hindi
  • कवितावली (उत्तर कांड से), लक्ष्मण-मूच्छ और राम का विलाप Important Questions – Class 12 Hindi (Aroh) Chapter 8 in Hindi
© 2026 Criss Cross Classes | Powered by Minimalist Blog WordPress Theme